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गायों मे प्रजनन

UK Atheya / Buffalo, Cattle, Cattle Reproduction /

गाय- भैंस का गर्म होना क्या होता है

गाय – भैंस व्यस्क होने पर जब उसका वजन व्यस्क गाय के बराबर हो जाता है, तो उसके प्रजनन अंगों में ओबरी पर एक मटर के बराबर दाना बनाता है जिसमें कि गाय का अण्डा होता है जिसमें गाय का अण्डाणु होता है यह अण्डाणु 4 से 5 दिन में बडा होकर इस दाने से बाहर आता है तथा बच्चेदानी में प्रवेश करता है इस समय गाय या भैंस में संभोग करने की तीव्र इच्छा जागती है इसमें योनि से रंगहीन द्रव निकलता है तथा मादा पशु दूसरे जानवरो पर चढ जाती है एवं दूसरी गाय उसके ऊपर चढती है इस समय को पशु का हीट में आना या गर्म होना कहते है।

गायों मे प्रजनन

प्रक्रिया प्रत्येक 21 दिन में होती हैै। यह प्रक्रिया गाय में गर्मी (लम्बे दिनों) में होती है। और भैंस में सर्दियों में होती है। लेकिन विदेशी नस्ल की गायों में यह प्रक्रिया पुरे वश्र होती रहती है। ओबरी में जो मटर के दाने के बराबर उभार निकलता है उस स्थान पर 4 दिन में बदाम के आकार की रचना बन जाती है जो कि 17 दिन तक बनी रहती है। और यदि बीज की प्राप्ति नही होती है तो वह गाय या भैंस दुबारा अण्डाणु को बनाने लगती है।

गायों मे प्रजनन

इस पूरी प्रक्रिया में 21 दिन लगते है और इसको हीट साइकल कहते है। यदि गाय भैंस गर्भाधान के बाद गर्भ धरण कर लेती है तो वह बच्चा पैदा नही होता जब तक गर्म नही होती है। यदि पषु बारबार गर्भाधान के बाद गर्भ धारण नही करता है। तो उसे रिपीर्ट ब्रीडिर कहते है।

गायों मे प्रजनन

सेक्स सीमन का उपयोग

बछिया पैदा करने वाला सीमेन

भारतवर्ष में गाय का बछडा को बैल के रूप में उपयोग के लिए किया जाता था। यह बैल कृषि माल ढौने तथा परिवहन में काम आता था परन्तु ट्रैक्टर तथा वाहनो के उपयोग के कारण इसका महत्व लगभ-भगभग समाप्त हो चुका है। परन्तु गायों को दुग्ध उत्पादन में उपयोग किया जाता है।

यदि किसी के पास 10 गाय है तो वह प्रतिवर्ष 7 बच्चे को जन्म देगी। इन 7 बच्चो में से 3 या 4 नर होगे जिनकी कोई भी उपयोगिता नही है। यह बडे होकर सडको पर यातायात में बाधा पहुंचते है। तथा ये चारे की भी समस्या पैदा करते है परन्तु अब केवल बछिया पैदा करने वाला सीमेन भी उपलब्ध है। परन्तु इसकी कीमत अधिक होने से इसका उपयोग नही हो रहा था। तथा इसे बाहर से आयात करना पडता था।

परन्तु अब भारत सरकार द्वारा 10 सेक्स सीमन सेन्टर खोले जा रहे है। अब सीघ्र ही साहिवाल, सिंधि, राठी, भैंस का अति उत्तम सांडो का सस्ता एवं केवल बछिया पैदा करने वाला वीर्य उपलब्ध हो जायेगा। इस क्रान्तिकारी कदम से कृत्रिम गर्भाधान में उपयोग किये जाने वाले हार्मोनो का विषेश महत्व रहेगा।

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