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पशुओं में थनेला रोग (Mastitis)

UK Atheya / Cattle, Cattle Disease /

यह ‘थन’ की बीमारी बहुत ही घातक है। इस रोग से गाय के थन खराब हो जाते हैं। इसके दो रूप होते हैं। पहली तरह का यह रोग बहुत तेजी से पनपता है।

इससे पशु को बुखार आ जाता है। ऐसे में पशु को तुरन्त ‘कोबैक्टान’ का इंजैक्शन पशु चिकित्सक से लगवाये। यह 2 एम.एल. इंजैक्शन पशु के प्रति 50 किलो वजन पर लगाया जाता है। यानि कि 300 किलो की गाय के लिए 12 एम.एल. का इंजैक्शन उसके पुट्ठे पर लगेगा। इसके साथ-साथ उसके थन में कोबैक्टान की ट्यूब भी चढ़ाएं।
इंजैक्शन दो या तीन दिन लगायें तथा ट्यूब 12 घंटे के अन्तराल से दो बार चढ़ायें। यह इंजैक्शन करीब 800 रुपये तक का आता है और ट्यूब भी करीब इतने की ही आती है। दूसरी तरह के रोग में पशु को बुखार तो नहीं आता, मगर उसका दूध फट जाता है। अगर ऐसा हो तो उसे केवल ट्यूब चढ़ायें। और इसमें सूजन और दर्द कम करने के लिए फिनाडाइन का इंजैक्सन आगे होने वाले नुकसान से बचाता है। आप डीवाल (डेलेवाल) का प्रयोग करके आप अपने पशु का बचाव कर सकते हैं।

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