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मेगैटोवुन्ड (घाव के कीड़े)

UK Atheya / Cattle, Cattle Disease /

पशुओं में कोई भी घाव हो जाता है, तो उस पर आप जो भी दवा लगाते हैं, उसके साथ-साथ उस पर मक्खी भगाने की दवा अवश्य लगाएं।

वैसे यदि आपका पशु दूध नहीं दे रहा है तो आप घाव के कीड़ों के बचाव के लिए ‘आइवरमैक्टरीन’ का इंजैक्शन एक बार लगवा लें। यह इंजैक्शन खाल के नीचे लगता है ; सब कट लगता हैद्ध, और 50 किलो वजन पर एक एम.एल. यानि अगर पशु का वजन 100 किलो है तो उसे दो एम.एल. का इंजैक्शन खाल के नीचे पशु चिकित्सक से लगवाएं। यह इंजैक्शन पशु को बेचैन कर देता है, इसलिए जहांॅ इस इंजैक्शन लगे उस जगह मालिश अवश्य कर दें। इस इंजैक्शन का असर 28 दिन तक रहता है। यह इंजैक्शन घाव के कीड़ों को तो मारता ही है, यह दूध देने वाले पशु को नहीं लगाना चाहिए, क्योंकि इसकी मात्रा दूध में भी आ जाती है। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। आप यह इंजैक्शन बियाने वाले पशु को लगा सकते हैं। यदि घाव नया हो और उस पर मवाद न पड़ा हो तो आप आयोडीन का घोल भी लगा सकते हैं। यदि घाव में मवाद हो तो तब ‘एंटी बायोटिक’ की क्रीम का प्रयोग करना चाहिए। घाव पर मक्खी न बैठे, इसके लिए घाव पर मक्खी भगाने का स्प्रे करें।

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