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कड़कनाथ मुर्गी पालन से परिचय

UK Atheya / Kadaknath, Poultry /
kadaknath chicken

कड़कनाथ मुर्गा

यह मराठवाडा की भारतीय नस्ल की मुर्गी है इसको रोग नही लगता है और यह अकाल वाले स्थानों पर औरतो की जीविका का साधन है इसके शरीर में प्रोटीन अधिक मात्रा में होती है और वसा या जर्भी कम मात्रा में होती है।

इसका मांस काले रंग का होता है इसलिए इसे काली मांसी भी कहा जाता है। यह उन स्थानों के लिए विशेष लाभकारी है जहां कि किसान अकाल के कारण आत्महत्या कर रहे है।

अभी कुछ समय पहले समाचार पत्रों में औरतो द्वारा स्वयं शिक्षण प्रयोग के विषय में छपा था। जिसमें औरते सोयाबीन का चिडवा बनाती है एवं बकरी पालती है और कडकनाथ के अंडे बेचकर जीविका चलाती है इसके अंडे 40 रुपए प्रति अंडे के दाम में बिक जाते है यह मुर्गी उत्तरी मध्य प्रदेश में छबुआ और धार में अधिक पाई जाती है।

इस मुर्गी के मांस का उपयोग औषधियों में भी किया जाता है। इसको केन्द्रीय कुकुट विकास संस्थान चंडीगढ़ में ग्रामीण कुकुट पालन के वितरण के लिए पाला जा रहा है। यह मुर्गी चंड़ीगढ तथा आईबीआरआई और पंतनगर यूनिवर्सिटी में भी उपलब्ध है। यह घर के दाने पर भी आसानी से पल जाती है। इसका मांस 600 रुपए प्रति किग्रा में बिकता है। इस मुर्गी का पर्वतीय क्षेत्रा में कुकुट विकास में बडा योगदान है। यह देखने में अति सुन्दर होता है।

कड़कनाथ मुर्गी के अंडे

इनके मांस एवं अंडे मर्दाना कमजोरी को दूर करते है, इसलिए इसका एक अंडा 40 रुपए और मांस 600 रुपए प्रति किग्रा बिकता है। इसलिए सूखाग्रस्त क्षेत्रों में ककड़नाथ मुर्गी के पालन को प्रोत्साहित करके कृषको द्वारा की जाने वाली आत्म हत्या को रोका जा सकता है।

कड़कनाथ मुर्गी के अंडे व मांस का प्रयोग क्षय रोग, दम्मा, माइग्रेन (आधा सीसी दर्द) में होता है।

kadaknath meat

कड़कनाथ मुर्गी का मॉस

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