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खुर पका मुँह पका (Foot & Mouth Disease)

UK Atheya / Cattle, Cattle Disease /


मुंहपका बीमारी ‘संकर’ गायों के लिए सर्वाधिक विनाशकारी है। इस रोग से यह गायें मरती तो नहीं हैं, पर वह न दूध देने लायक रहती हैं और न प्रजनन करने लायक।

यहां तक कि गर्भित पशुओं में गर्भपात तक हो जाता है। यह बीमारी डेयरी उद्योग को बिल्कुल ही चौपट कर देती है। हमसे बहुत से लोग पूछते हैं कि फलां गाय को खुरपका-मुंहपका हो गया था, मगर अब वो स्वस्थ है। दूध भी दे रही है। क्या मैं उसे खरीद सकता हूं। पर हम यही कहेंगे- कृपया आप ऐसे पशु को भूलकर भी न खरीदें। ऐसे पशु ठीक तो हो जाते हैं और वे इस बीमारी से प्रतिरोधक क्षमता भी विकसित कर लेते हैं। उन्हें दोबारा खुरपका- मुंहपका तो नहीं हो सकता, लेकिन उनके शरीर में मौजूद विषाणु दूसरे पशु को रोगग्रस्त कर सकते हैं। इसके अलावा इस रोग से ग्रस्त पशुओं के खुर बड़े हो जाते हैं, जिससे उनको चलने में परेशानी होती है। ऐसे पशु प्रायः गर्मी में बहुत ज्यादा परेशान रहते हैं। मार्च-अप्रैल के बाद वे अधिकतर हांपने लगते हैं। शरीर का तापक्रम बढ़कर 101 के बजाय 102 या 103 डिग्री हो जाता है। उन्हें एंटीबाॅयोटिक देने से भी कोई लाभ नहीं होता। ऐसे पशुओं में लिवामिशौल का इंजैक्शन लगाने से तथा पोटेशियम आयोडाइट खिलानेे से जरूर कुछ लाभ देखा गया है। इस बीमारी में पशुओं के खुर में घाव हो जाते हैं। उनमें कीड़े पड़ जाते हैं। ऐसे में बिना दूध देते पशुओं में ‘आइवर मैक्टीन’ का इंजैक्शन अपने पशुचिकित्सक से जरूर लगवायें। खुर की और समस्याओं के लिए ‘कमवैक्टाॅन’ का इंजैक्शन 4-5 दिन लगवा सकते हैं। वैसे बचाव के लिए आप अपने पशुओं का टीकाकरण भी करवा सकते हैं। बच्चों को भी टीके अवश्य लगायें। यह टीका आप बच्चों के पैदा होने के 6 दिन, 6 हफ्ते और 6 माह में लगा सकते हैं। वयस्क पशुओं को यह टीका होली- दिवाली में लगायें। इससे समय याद रखने में आसानी होगी। यदि आप नया पशु लाएं हैं और उसे टीका नहीं लगाया गया है, तो आप उसे टीका जरूर लगवा लें। शासन की ओर से भी यह टीका लगाया जाता है। यह टीका बाजार में उपलब्ध है। ध्यान रहे, यह बीमारी पशुओं के बीच काम करने वाले कम्पाउंडरों, दूध की गाड़ी व चारे आदि के जरिये भी फैल सकती है। अकसर इसका प्रकोप होली के आस-पास अधिक रहता है। सावधानी के तौर पर इस्तेमाल की गई सीरेंज का प्रयोग कदापि न करें तथा पशुओं की चिकित्सा करते समय दस्तानों का इस्तेमाल करें।

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